भोपाल गैस त्रासदी के पर्यावरणीय प्रभावों पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने यूनियन कार्बाइड संयंत्र के आसपास के क्षेत्रों में भूजल के अब भी दूषित होने की शिकायतों को बेहद गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वास्तविक स्थिति का सत्य केवल स्वतंत्र और वैज्ञानिक परीक्षण से ही सामने आ सकता है।
हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह व न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की युगलपीठ के समक्ष यूनियन कार्बाइड परिसर, भोपाल के जहरीले कचरे से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान हाई कोर्ट के पूर्व निर्देश के पालन में राज्य व प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से जानकारी पेश की गई।














